जमीन रजिस्ट्री के नए नियम लागू अब अनिवार्य होंगे ये 5 अहम दस्तावेज़ Land Registry Rule

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

भारत सरकार ने Land Registry Rule 2025 के तहत जमीन रजिस्ट्री से जुड़ी पूरी व्यवस्था को डिजिटल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संपत्ति से जुड़े हर दस्तावेज की जांच बिना देरी और बिना फर्जीवाड़े के डिजिटल तरीके से हो सके। नई प्रक्रिया कई मामलों में पहले से ज्यादा सरल, तेज और तकनीकी रूप से मजबूत है, जिससे खरीदार और विक्रेता दोनों को राहत मिलेगी। सरकार मानती है कि डिजिटल सिस्टम से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और पूरे देश में एक जैसी रजिस्ट्री प्रक्रिया लागू हो पाएगी, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होगी।

जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल

नए नियमों में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब जमीन रजिस्ट्री से जुड़े सभी चरण ऑनलाइन पूरे किए जाएंगे। खरीदार और विक्रेता को अपने पहचान दस्तावेज, संपत्ति के कागज़ात, कर संबंधी रिकॉर्ड और आवेदन विवरण वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि दस्तावेज़ों की जांच भी अधिक सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से हो सकेगी। डिजिटल भुगतान प्रणाली के जरिए स्टाम्प शुल्क, रजिस्ट्री शुल्क और अन्य चार्जेस भी सीधे ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे, जिससे बैंक या कार्यालयों में लंबी कतारों का झंझट समाप्त हो जाएगा। कई राज्यों में यह व्यवस्था शुरू हो चुकी है और अब इसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है ताकि उपयोगकर्ता को एक समान और सरल अनुभव मिल सके।

Also Read Thumbnail Murgi Palan Loan Yojana मुर्गी पालन लोन योजना के नए आवेदन शुरू

दस्तावेज सत्यापन अब स्वतः ऑनलाइन होगा

डिजिटल सत्यापन इस नए सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत है। अब खरीदार और विक्रेता के आधार, पैन और अन्य पहचान दस्तावेजों की जांच स्वतः ऑनलाइन होगी, जिससे किसी भी तरह की नकली पहचान, गलत जानकारी या फर्जी कागज़ों के आधार पर रजिस्ट्री कराने की घटनाएं काफी हद तक कम होंगी। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि संपत्ति पर नगर निगम का कोई बकाया हो तो वह तुरंत ऑनलाइन दिख जाए, जिससे भविष्य में होने वाले विवादों से बचा जा सके। सरकार का मानना है कि इन नए नियमों से पारदर्शिता बढ़ेगी और धोखाधड़ी की घटनाओं पर लगभग पूरी तरह रोक लग सकेगी।

जमीन रजिस्ट्री के लिए जरूरी दस्तावेज, बिना इन्हें अपलोड किए आवेदन आगे नहीं बढ़ेगा

नियमों के अनुसार अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया तभी आगे बढ़ेगी जब खरीदार और विक्रेता दोनों के अनिवार्य दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर दिए जाएँ। इनमें पैन कार्ड सबसे जरूरी माना गया है, क्योंकि बड़े वित्तीय लेन-देन में यह अनिवार्य दस्तावेज है। आधार कार्ड पहचान और पते की पुष्टि के लिए आवश्यक रखा गया है। इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो, खसरा नंबर, खतौनी, भू-नक्शा, स्वामित्व प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज भी अनिवार्य हैं, ताकि संपत्ति की वैधता और वास्तविक स्वामित्व की पुष्टि सुनिश्चित की जा सके। नगर निगम के बकाया टैक्स की रसीदें भी अब जरूरी कर दी गई हैं, जिससे किसी आर्थिक विवाद का खतरा नहीं रहता। यदि इनमें से कोई दस्तावेज अपलोड नहीं होता तो आवेदन अधूरा ही रहेगा और प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

नई ऑनलाइन रजिस्ट्री कैसे करें

ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने के लिए अपने राज्य की आधिकारिक भूमि रजिस्ट्री वेबसाइट पर जाना होता है, जहां “ऑनलाइन रजिस्ट्री” या “Property Registration” का विकल्प मिलता है। यहां खरीदार और विक्रेता की बुनियादी जानकारी भरनी होती है, जिसमें नाम, पता, पहचान नंबर और संपत्ति का विवरण शामिल है। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज स्कैन करके अपलोड किए जाते हैं और निर्धारित शुल्क डिजिटल माध्यम से जमा किया जाता है। भुगतान पूरा होते ही सिस्टम एक ऑनलाइन अपॉइंटमेंट जारी करता है। निर्धारित तारीख पर दोनों पक्ष सब-रजिस्ट्रार कार्यालय जाकर दस्तावेज़ों की अंतिम जांच और डिजिटल हस्ताक्षर प्रक्रिया पूरी करते हैं। यह नई व्यवस्था न केवल तेज है बल्कि पूरी तरह पारदर्शी भी है, क्योंकि प्रत्येक विवरण ऑनलाइन सुरक्षित रहता है और भविष्य में आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

Also Read Thumbnail पीएम आवास योजना ग्रामीण सर्वे के आवेदन शुरू PM Awas Yojana Gramin Survey List

Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। कानूनी प्रक्रिया, रजिस्ट्री या किसी सरकारी नियम से जुड़े निर्णय लेने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या योग्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

 

 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Leave a Comment

WhatsApp Group
WhatsApp WhatsApp चैनल से जुड़ें Telegram Telegram चैनल से जुड़ें